ED की अपनी प्रेस रिलीज ने पोल खोली, गमाडा के खिलाफ कोई एफआईआर या मुख्य अपराध नहीं : AAP

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के अपनी ही प्रेस रिलीज से स्पष्ट होता है कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के खिलाफ कोई एफआईआर या मुख्य अपराध दर्ज नहीं है, जिससे इस गैर-कानूनी छापेमारी के मकसद और कानूनी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
‘AAP’ ने कहा कि ED द्वारा हवाला दी गई सीबीआई की एफआईआर ‘तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स’ से संबंधित बैंक धोखाधड़ी का मामला है, जिसका गमाडा या पंजाब से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद एजेंसी ने इसे बहाना बनाकर गमाडा के दफ्तर में गैर-कानूनी तौर पर दाखिल होकर इसके दस्तावेज तथा डाटा जब्त किया और पंजाब सरकार की इस अथॉरिटी के कामकाज को तीन दिनों तक ठप रखा।

एक बयान में ‘AAP’ ने कहा, “ED ने खुद अपनी प्रेस रिलीज में माना है कि जिस केस की वह जांच कर रही है, वह ‘तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स’ से संबंधित बैंक धोखाधड़ी की सीबीआई एफआईआर पर आधारित है। उस केस का गमाडा या पंजाब से कोई संबंध नहीं है। ईडी द्वारा दिए गए केस में गमाडा से संबंधित कोई एफआईआर नहीं थी, फिर भी इसे बहाना बनाकर गमाडा में गैर-कानूनी ढंग से दाखिल होकर रिकॉर्ड उठा लिया गया।”

पार्टी ने कहा, “यह गमाडा द्वारा किए गए किसी अपराध की जांच नहीं थी, बल्कि पंजाब सरकार के रिकॉर्ड पर डाका था। ED ने गमाडा में गैर-कानूनी तौर पर दाखिल होकर दस्तावेज तथा डाटा जब्त किया और तीन दिनों तक अथॉरिटी का कामकाज बाधित रखा। पंजाब के लोगों को परेशान किया गया ताकि मोदी सरकार अपना गैर-कानूनी एजेंडा चला सके।”

‘AAP’ ने कहा, “50 घंटों से अधिक चली इस गैर-कानूनी छापेमारी में ईडी के हाथ कुछ नहीं लगा। फेल होने के बाद अब भाजपा बिना किसी आधार के सियासी बयानबाजी घड़ने की कोशिश कर रही है। पहले उन्होंने गमाडा में गैर-कानूनी दाखिला लिया, रिकॉर्ड उठाया और अब ऐसी कार्रवाई को जायज ठहराने के लिए झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिसका केस से कोई लेना-देना ही नहीं था।”

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“इस सब का मकसद पंजाब में विघ्न डालना, तीन दिनों तक सरकारी काम रोकना और गमाडा से लिए गए रिकॉर्ड का उपयोग करके सियासी विवाद खड़ा करना था। यह कोई जांच नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसी के जरिए पंजाब को राजनीतिक तौर पर तंग-परेशान करने की साजिश है।”

‘आप’ ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस गैर-कानूनी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाएगी। “पंजाब सरकार इस पूरे मामले की बारीकी से समीक्षा करेगी। जो भी पंजाब सरकार के दफ्तर में गैर-कानूनी तौर पर दाखिल होने, रिकॉर्ड उठाने या कोई और गैर-कानूनी काम करने के लिए जिम्मेदार पाया गया, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

मनीष सिसोदिया और सतेंद्र जैन के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर पार्टी ने कहा, “मनीष सिसोदिया और सतेंद्र जैन की गमाडा अधिकारियों से मुलाकात की खबरें पूरी तरह झूठी, बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। गमाडा के किसी भी प्रोजेक्ट या सरकारी कामकाज में उनकी कोई भूमिका नहीं है। पंजाब में उनकी भूमिका सिर्फ सियासी है, गमाडा के रोजाना के कामों या प्रोजेक्ट्स से उनका कोई लेना-देना नहीं है।”

“ईडी की छापेमारी में कुछ न मिलने के बाद, भाजपा अब मुलाकातों और हिदायतों के बारे में झूठी कहानियां गढ़कर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। यह सिर्फ एक ऐसा विवाद खड़ा करने की कोशिश है जो वजूद में ही नहीं है, ताकि गमाडा में की गई गैर-कानूनी कार्रवाई से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।”

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